हमारे दिमाग के अंदर जो दुनिया हैं उसे आज भी इंसान नहीं समझ पाया हैं। दिमाग आज भी हमारे लिए बिल्कुल ही अनजान हैं हमारे दिमाग के अंदर पूरा का पूरा एक इनफार्मेशन सेंटर हैं जिसके अंदर पूरी दुनिया के रहस्य की जानकारी हैं। जी हाँ  आपके दिमाग के अंदर पूरी दुनिया की जानकारी हैं। साइंस हमारे दिमाग को समझने की कोशिश कर रहा हैं और बहुत हद तक कामयाब भी हैं  और अभी तक यह भी पता चला  हैं की आपके दिमाग मे इमेन्स पावर भी मौजूद हैं जो आपको भी नहीं पता। और जिसका इस्तेमाल करके लाइफ मे आगे भी बढ़ सकते हैं। आपके दिमाग के दो भाग हैं सचेतन मन और अवचेतन मन। 
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अवचेतन मन 

अवचेतन मन हमेशा से हैरान करती आई हैं । आपके डर का, इकक्षाओ का,सपनों का ,बॉडी लैंग्वेज का,आदतों का और आपके मेंटल स्टेट का इन सब के सोर्स आपको सचेतन मन ही हैं। आगर आप अपने सचेतन मन को समझ अगए तो आप ज्यादा होशियार,ज्यादा खुश और ज्यादा सकारात्मक बैन सकते हैं। आपके सारे इंद्री एक साथ ही बिना किसी गलती के काम करते हैं जो अवचेतन मन के कारण ही हैं। हमारे दिमाग ऐसे कई कामे होती हैं जो चलती रहती हैं  जिसका हमे पता नहीं चलता क्यूँकी वह सब अवचेतन मन मे होती हैं। 


बॉडी लैंग्वेज 

बॉडी लैंग्वेज आपके अवचेतन मन की झलक होती हैं। अगर कोई अच्छी व्यक्तित्व या कोई बड़ी हस्ती को देखते हैं  तो आपको एनर्जी उसकी उपलब्धता  का अहसास अपने आप ही होगा क्यूँकी उसके अंदर से एक और निकलता हैं। अगर कोई व्यक्ति चलता हैं तो हमे उसके व्यक्तित्व की झलक मिल जाती हैं उदाहरण के लिए अगर आपको अगर कोई ग्रुप का काम दिया जाता तो आप सबसे पहले मेम्बर्स को देखते हैं अगर आपके ग्रुप मे कोई ऐसा व्यक्ति हो जो आपके ग्रुप को आगे ले जाने मे काबिल हैं तो आपको एक अलग ही एहसास होता हैं वही अगर आपके ग्रुप मे कोई भी व्यक्ति आए जो काम मे ठीक नहीं हैं तो आपको अपने आप मे अजीब एहसास होगा। आपका अवचेतन मन आपको लोगों का और पढ़ने मे मदद करती हैं। आप जिस व्याकते के और मे जितनी ज्यादा समय से रहेंगे आपका व्यक्तित्व भी उसी के जैसा होगा।जो आदमी इसको एक बार समझ लेता हैं वो और स्मार्ट होते जाता हैं।और उनसे एक अलग तरह का और आता हैं।जो व्यक्ति हर चीज को नकारात्मक तरीके से देखता हैं उसका और उस से एक नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती हैं।विज्ञान ने तो बस अवचेतन मन को थोड़ा सा  ही जाना हैं। 


बैकग्राउंड कैल्क्यलैशन 

ऐसे कई काम हैं जिसे आप देखेंगे तो आप उसे एकदम आराम से कर लेते हो पर जिसे आप उस काम को लाजिकल तरीके से देखोगे तो आपको लगेगा की आप उसे कैसे कर लेते हो उदाहरण के लिए आप केयबोर्ड का इस्तेमाल करते हैं पर आप लिखते वक्त ये नहीं सोचते की कोनसा वर्ण कहा हैं फिर भी आप इतने तेज टाइप कर लेते हो । आपका अवचेतन  मन आपको कीबोर्ड मे वर्ण खोजने मे मदद करता हैं। आपके अवचेतन मन को कीबोर्ड का हर वर्ड पूरी तरह से याद हैं।आप इसे मेमोरी समझते होंगे पर इसे मेमोरी नहीं कहा जा सकता क्यूँकी अगर आपसे पूछा जाए की कोनस वर्ड कहा हैं तो आप नहीं बात पाएंगे। दूसरा उदाहरण हैं कई बार आप किसी जानकारी  को  बात नहीं पाते लेकिन उसे इग्ज़ैम मे लिख अछे से लेते हैं। आपका दिमाग सिर्फ उसी चीजों को याद रखता हैं जिसमे आपको रुचि होती हैं। 


डिफ़ाउलट मोड नेटवर्क 

डॉ.मार्कस राईचेल  जो की यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन इन सैन्ट लुईस,मिस्सॉरी के एक स्नायु-विशेषज्ञ (neurologist ) ने 2001 मे दिमाग के बारे मे एक खोज किया ।जैसा की हमे पता हैं जब भी हम कोई काम करते हैं तो हमारे दिमाग के अंग सक्रिय होते हैं और जो काम हम नहीं करते उसके अंग निसक्रिय हो जाते हैं। लेकिन डॉ.  राईचेल ने अपने खोज मे बताया की जब हम कुछ नहीं सोचते या जब सोये होते हैं तब भी हमारा दिमाग सक्रिय होता हैं जिसे ''डिफ़ाउलट मोड नेटवर्क '' कहा जाता हैं। यह उतना ही सक्रिय होता है जितना सचेतन मन।आपका अचेतन मन हमेशा सचेतन मन से आगे होता हैं। 
जब आप कोई मूवी देखते हो तब आपको पता होता हैं की यह एक ड्रामा होता आहाईं फिर भी आपके ईमोशन आगे आते हैं जैसे आप रोते हो,विलेन पे गुस्सा होते होते हो और हस्ते भी हो। 



जीवन मे अचेतन मन का इस्तेमाल 


सकारात्मक  सोचना 
लाजिकल सोचना 
भविष्य के लिए सोचना 
अतीत से सीखना 
स्मार्टली सोचना 

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